बांग्लादेश की सत्तारूढ़ सरकारें अक्सर इन क़ानूनों का विभिन्न तरीकों से इस्तेमाल करती रही हैं। आलोचनात्मक अभिव्यक्ति—विशेषकर सरकार की आलोचना करना या धर्म से जुड़े प्रश्न उठाना—डिजिटल सुरक्षा अधिनियम (DSA) जैसे क़ानूनों के तहत त्वरित गिरफ्तारी और उत्पीड़न का कारण बन सकता है। इसके अलावा, धार्मिक निंदा (ब्लास्फ़ेमी) के आरोपों का उपयोग राजनीतिक…
